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सियासत (राजनीति)

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✍️सियासत (राजनीति)✍️ अकेला   जो  चला   मारा  गया  है चांद   सूरज   से   उतारा   गया   है मोड़  ली   जिसने   घुटने  की  हड्डी खास  उसको  ही  पुकारा   गया  है जिसकी  गर्दन  झुकी  प्यारा वही है उसे   जूतों   से   दुलारा    गया   है खड़ी  गर्दन   का  ये  अंजाम  हुआ उसका  सर  धड़  से  उतारा गया है वो  फिर  सीना   फुलाए  फिरते  हैं कोई  सीमा  पे  फिर  मारा  गया  है तुमको  गद्दी   मिली   सियासत   में उसकी  तो आंख का  तारा  गया है जिसने  सीने  को  खुलेआम  किया जख्म   पे   जख्म   दुबारा  गया  है जो बहादुर है इस दुनिया में “विनय” उसे   मूरख   भी...

व्यक्ति पूजा (समाज)

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🌹जय श्री कृष्णा🌹 ✍️व्यक्ति पूजा (समाज)✍️ व्यक्ति पूजनीय नहीं होते बल्कि विचार पूजनीय होते हैं ✍️✍️ व्यक्ति पूजा समाज को विचार शून्यता की ओर ले जाती है ✍️✍️ व्यक्ति पूजा के आरंभ से ही कलयुग का उदय हुआ है ✍️✍️ व्यक्ति पूजा के अंत से ही कलयुग का अंत संभव है #विनय_आजाद #yqdidi #yqhindi #व्यक्तिपूजा #समाज #writervinayazad    Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/vinay-tyagi-bekbv/quotes/vykti-puujaa-smaaj-vykti-puujniiy-nhiin-hote-blki-vicaar-ko-bgc6b5

गम (तरक्की)

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✍️गम (तरक्की)✍️ मुझको  दुनिया  की, इस  बात पर रोना आया मरा  भूखा,  तो  मखमल  का  बिछोना  आया ✍️✍️ रात कटती थी, दिन  के अंगार  लिए आंखों में बड़ी  मुश्किल  से,  उसे  चैन  से  सोना  आया ✍️✍️ चलो  मर  कर  ही  सही, तुमको  दया तो आई उसके  बच्चों की, तश्तरी में  तो  खाना  खाया ✍️✍️ कभी बैलों  से थे बाबस्ता,अब  खुद बैल हैं हम वक्त  बदला  तो, फिर यूं  बदला  जमाना आया ✍️✍️ गम  तरक्की है, तरक्की की  नाशानी है “विनय” गम की तासीर से,तुमको भी कुछ लिखना आया #विनय_आजाद #yqdidi #yqhindi #writervinayazad #गम #तरक्की    Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/vinay-tyagi-bekbv/quotes/gm-trkkii-mujhko-duniyaa-kii-baat-pr-ronaa-aayaa-mraa-mkhml-bgcqgl

भरोसा (धोखा)

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✍️भरोसा (धोखा)✍️ सच  की ताकत  से बड़ा  होता है                           आदमी  गिर  कर  खड़ा  होता  है झूठ   के   पैर   कुछ   नहीं   होते                            बस  ज़रा  सा  मुंह  बड़ा  होता है खरीदोगे     जमीर    बिकता    है                            देखो  कितना  अमीर   बिकता  है चंद  सिक्कों   में  दुआ   बेचता  है                            झोली  वाला   फकीर   बिकता  है हमको   अंग्रेज    पर   भरोसा   है         ...

मदारी (मुकद्दर)

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✍️ मदारी (मुकद्दर) ✍️ जाने   कितने   रोज   बकरे   दुलारे   जाते  हैं जाने   कितने   रोज   छलते  हैं  मारे  जाते  हैं उस्तरे  को   उसे  तुम   खुद   ही  धार  देते  हो बाल   के   धोखे  में  फिर  सर  उतारे  जाते हैं इसके  उसके  जहां में जिसके  भी घर लुटते  हैं लोग   हर   हाल   में  अपने  ही  मारे  जाते  हैं ऐसे    देखे   हैं   झोली    वाले   मदारी   हमने ताज   ठोकर   में   राजा  भी  उतारे   जाते  हैं जिसको   कहते   हैं  नसीहत   वही  मुकद्दर  है जिसके   फन  में  हो   इशारे   सुधारे  जाते  हैं झेल  जाते...

उनसे मिलना

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✍️उनसे मिलना✍️ मुर्दा तन से वो कफन तक उतार लेते हैं सर जो झुक जाए तो वो सर उतार लेते हैं बहुत जालिम हैं इस कलयुग में जमाने वाले अपनी नस्लों की भी गर्दन उतार लेते हैं जब भी मिलता हूं उनसे उंगलियां गिन लेता हूं हाथ मिल जाए तो वो तन उतार लेते हैं चंद आंखें हैं जिनमें आज भी मैं बच्चा हूं बूढ़ी आंखों में वो बचपन उतार लेते हैं लाख गलती करूं फिर भी मेरे वो अपने हैं नर्म हाथों से वो अब भी दुलार लेते हैं उनसे मिलना “विनय” तो नजरें बचाकर मिलना अपनी आंखों में वो दिल तक उतार लेते हैं तुम महोब्बत में तिजारत पर उतर आए “विनय” दिल के बदले में कहां दिल उधार लेते हैं #विनय_आजाद #yqdidi #yqhindi #महोब्बत #तिजारत #उनसे_मिलना 

आबाद (मुरादाबाद)

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✍️ आबाद ✍️ अब तो, आजाद को! आजाद से जाना जाए!! कब तलक, शहर ये! बर्बाद से जाना जाए!! अब मेरे, शहर की हर! शाख हो आबाद “विनय”!! अब तो, मुरादाबाद को! आबाद से जाना जाए!! #विनय_आजाद #yqdidi #yqhindi #मुरादाबाद #आबाद #मेरा_शहर  x